Posted by Nalin Mehra on 1:45 AM

किसी और की मुस्कराहट मैं ढूँढना खुशी,

और किसी के आंसुओं मैं अपना गम तलाशना ,

कुछ और नही यही बस यही है "ज़िन्दगी" नलिन ,

किसी की मुस्कराहट की खातिर हर गम हंसके झेलना ...

नलिन

2 comments:

Raviratlami said...

बढ़िया लिखा है. परंतु यहाँ डिफ़ॉल्ट ऑडियो प्लेयर को बन्द कर रखें ताकि पाठकों को सुविधा हो.

pratima joshi said...

bahut saccha aur bahut accha likha hai

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