Posted by Nalin Mehra on 12:01 AM

yun tanha tanha chale jaa rahe ho,
zindagi se ho khafa ya hampe naarazgi jata rahe ho,
jaante ho hamein aadat hai tumhari muskurahaton ki,
isliye hoke udaas hame tadpaaye jaa rahe ho

zara dekh bhi lo ek nazar hamri taraf,
yun pher ke chehra kyu dil dukhaye jaa rahe ho,
nibhai hai hamne mohobbat har pal tumse,
phir kyun hamein bewafa kahe jaa rahe ho,

zamana to leta hai imtehaan har mohobbat ka,
par tum to zamane se bhi zaalim huye jaa rahe ho,
jaante ho ki tut ke bikharna toh fitrat hai is dil ki,
phir bhi isay thes pahuchaye jaa rahe ho

main toh hairaan hun tumahri ada-e-Qatl par,
khud dete ho zakhm aur khud hi dawa lagaye jaa rahe ho,
karke wada sath chalne ka umr bhar,
na jane kyun aaj tum is mod pe tanha kiye jaa rahe ho..

यूँ तनहा तनहा चले जा रहे हो,

ज़िन्दगी से हो खफा या हमपे नाराज़गी जता रहे हो,
जानते हो हमें आदत है तुम्हारी मुस्कुराहटों की,
इसलिए होके उदास हमें तडपाये जा रहे हो,

ज़रा देख भी लो एक नज़र हमारी तरफ़,

यूँ फेर के चेहरा क्यूँ दिल दुखाये जा रहे हो,
निभाई हमने मोहोब्बत हर पल तुमसे,
क्यू फिर हमें बेवफा कहे जा रहे हो,

ज़माना तोः लेता है इम्तेहां हर मोहोब्बत का,
पर तुम ज़माने से भी जालिम हुए जा रहे हो
जानते हो की टूट के बिखरना तोः फितरत है दिल की,
फिर भी इसे ठेस लगाये जा रहे हो,

मैं तोः हैरान हूँ तुम्हारी अदा-ऐ-कत्ल पर,
ख़ुद देते हो ज़ख्म और ख़ुद दवा लगाये जा रहे हो,
करके वादा साथ चलने का उम्र भर,
न जाने क्यूँ आज तुम इस मोड़ पे तन्हा किये जा रहे हो......


Nalin - The Lost Poet

Posted by Nalin Mehra on 11:27 PM

काश होते हम भी किसी के दिल का सुकूं,
काश हम भी किसी के दिल का करार होते,
खिलती किसी के लबों पे मुस्कान हमारे नाम के ज़िक्र से,
काश किसी की आंखों का हम इंतज़ार होते,

शाम ढले कोई ताकता राह हमारी भी,
काश हम भी किसी किसी के दिल में रहते,
हाथों मैं हमारे भी होता हाथ किसी का,
काश हम भी किसी की निगाहों में बसते,

हर सुबह कोई उठता देख के चेहरा हमारा,
काश हम भी किसी का सूरज होते,
होती जब सावन की पहली बारिश,
काश हम भी किसी की यादों मैं होते,

काश वो समझते दिल की बातें हमारी,
तो हम यह ग़ज़ल कभी न लिखते,
और जो लिखते कोई ग़ज़ल,
तो मोहोब्बत को "काश" न कहते.........

नलिन

Posted by Nalin Mehra on 9:59 AM

Hi My Blog Readers,

Last night I saw a beautiful advertisement on television, it stars Asin (from "Ghajini")। The advertisement is conceptulised so beautifully that I cant express it in words, All i can say is that I FELL IN LOVE AFTER WATCHING THIS ONE....




Poetically Yours
Nalin - The Lost Poet

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