Posted by Nalin Mehra on 12:13 AM

सच्चे दोस्त की बस यही पहचान है , की वो उस वक्त आपकी आंखों मैं दर्द देख लेता है, जब साडी दुनिया आपसे कह रही होती है की "यार तुम हँसते बहुत हो"......

6 comments:

नारदमुनि said...

jo jyada muskurata hai, wah jayada gam chhipata hai
kalyan ho
narayan narayan

प्रदीप मानोरिया said...

सच कहा आपने .

एक निवेदन हटा दो यह बाधा शब्द पुष्टिकरण की .. मेरे ब्लॉग पर दस्तक दीजिये अच्छा लगे तो टीका भी अवश्य करें

VisH said...

dost isse hi DOST kahte hai....waise khush rahne ke liye lamha kafi hota hai...jo schhe doston ke sath bahut milte hai....to dost banate raho....


Jai Ho...mangalmay ho

रचना गौड़ ’भारती’ said...

इसे ही सच्चा दोस्त कहते हैं। सुन्दर शब्द रचना।

Amit K. Sagar said...

ब्लोगिंग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लिखते रहिये. दूसरों को राह दिखाते रहिये. आगे बढ़ते रहिये, अपने साथ-साथ औरों को भी आगे बढाते रहिये. शुभकामनाएं.
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साथ ही आप मेरे ब्लोग्स पर सादर आमंत्रित हैं. धन्यवाद.

mohit said...

Ultimate one nice piece of poetry........

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