Posted by Nalin Mehra on 12:35 AM

ज़ालिम ज़िन्दगी का खेल तो देखिये, कोई दूसरा आपके हालात पर आंसू बहता है और आपको उसे तसल्ली देनी पड़ती है , सच पूछिये तो ज़िन्दगी अक्सर अजीब बनके सामने आती है , हर कोई चाहता हैं की तकलीफें उससे दूर रहे, पर इतेफाक यह है की तकलीफों की वजह से ही लोग एक दुसरे के करीब आते हैं

0 comments:

Search